सैदपुर, गाजीपुर। गंगा और गोमती नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच बाढ़ की आशंका को देखते हुए सोमवार को उपजिलाधिकारी ज्योति चौरसिया ने तेतारपुर और गौरहट गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। विधायक अंकित भारती द्वारा 23 अगस्त को भेजे गए पत्र के बाद प्रशासन ने संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तैयारियां तेज कर दी हैं। एसडीएम ने दोनों गांवों में ग्रामीणों से बातचीत कर बाढ़ के दौरान होने वाली समस्याओं की जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ आने पर गांव चारों तरफ से पानी से घिर जाता है, जिससे आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है। शौच के लिए भी लोगों को नाव के सहारे बाहर जाना पड़ता है। महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं, पशुओं के लिए हरे चारे की व्यवस्था करना भी बड़ी चुनौती बन जाती है। ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने दोनों गांवों में दो मोबाइल शौचालय लगवाने की बात कही। साथ ही संबंधित अधिकारियों को बाढ़ के दौरान आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
गौरतलब है कि गंगा और गोमती नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए विधायक अंकित भारती ने 23 अगस्त को एसडीएम सैदपुर को पत्र भेजकर संभावित बाढ़ प्रभावित गांवों में समय रहते राहत एवं बचाव की व्यवस्था कराने की मांग की थी। पत्र की प्रति जिलाधिकारी गाजीपुर को भी भेजी गई थी।






