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एक ही परिवार के चार सदस्यों की हत्या

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एटा। शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव नगला प्रेमी में एक ही परिवार के चार सदस्यों की नृशंस हत्या ने पूरे शहर को दहला दिया है। प्रारंभिक जांच में पुलिस इस नतीजे पर पहुंची है कि हत्यारे मृतकों से परिचित थे और उन्होंने पूरी योजना के तहत वारदात को अंजाम दिया।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि घर के आगे और पीछे लगे कई सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद भी पुलिस को घर में प्रवेश करता हुआ कमल सिंह के अलावा कोई अन्य व्यक्ति दिखाई नहीं दे रहा। ऐसे में पूरे मामले में शक की सुई अपनों के इर्द-गिर्द घूम रही है।

नगला प्रेमी हत्याकांड में शक की सुई अपनों पर
सोमवार दोपहर नगला प्रेमी में गंगा सिंह शाक्य, उनकी पत्नी श्यामा देवी, पुत्रवधू रत्ना और 19 वर्षीय पौत्री ज्योति की ईंटों से कुचलकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। चारों के शव घर के अलग-अलग दो कमरों में पड़े मिले। हैरानी की बात यह रही कि पड़ोसियों ने न तो किसी तरह की चीख-पुकार सुनी और न ही किसी संदिग्ध हलचल पर ध्यान गया। इससे यह आशंका और मजबूत होती है कि हत्यारों ने चारों को एक साथ काबू में कर लिया था और उन्हें विरोध करने का मौका नहीं दिया गया।
परिचितों द्वारा वारदात की आशंका, चारों को एक साथ किया गया काबू
पुलिस सूत्रों के अनुसार, वारदात को अंजाम देने वाले लोग घर के सदस्यों से करीबी संबंध रखते थे। यही वजह रही कि वे बिना किसी शोर-शराबे के घर के अंदर तक पहुंच गए। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज ले कर जांच शुरू कर दी है। जांच में सामने आया है कि मकान के पीछे के गेट के सामने लगे कैमरे में कोई भी व्यक्ति घर में प्रवेश करता हुआ नहीं दिखा। घर के पीछे पिछला दरवाजा अंदर से बंद था, और उस पर ताला लगा हुआ था। परिवार आमतौर पर उस रास्ते का इस्तेमाल नहीं करता।

फुटेज में सिर्फ गंगा सिंह के पुत्र कमल सिंह ही 
घर के मुख्य प्रवेश द्वार पर लगे कैमरों की फुटेज में सिर्फ गंगा सिंह के पुत्र कमल सिंह ही घर में आते-जाते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दोपहर 12.55 बजे से 2.00 बजे के बीच की फुटेज में कमल सिंह की घर में ही मौजूदगी दर्ज है। इसके बाद किसी बाहरी व्यक्ति की एंट्री या एग्जिट नहीं दिखती। इसी बिंदु पर जांच आकर टिक गई है और पुलिस हर एंगल से फुटेज का विश्लेषण कर रही है।
दृश्य बेहद हृदय विदारक था
घटनास्थल का दृश्य बेहद हृदय विदारक था। ऊपर और नीचे के कमरों में खून चारों तरफ फैला हुआ था। सभी मृतकों के सिर पर ईंट से किए गए वार के निशान मिले हैं, जबकि शरीर के अन्य हिस्सों पर चोटें नहीं पाई गईं। इससे यह अंदेशा जताया जा रहा है कि पहले सभी को काबू में लिया गया और फिर एक-एक कर सिर पर प्रहार किए गए।
चार पड़ोसियों को थाने बुलाकर पूछताछ की गई
पड़ोसियों से पूछताछ में पुलिस को अहम जानकारियां मिली हैं। चार पड़ोसियों को थाने बुलाकर पूछताछ की गई। इनमें से एक महिला ने बताया कि उसने दोपहर करीब एक बजे रत्ना को छत पर कपड़े सुखाते हुए देखा था। यदि यह बयान सही है तो हत्याएं एक बजे से लेकर 2 बजे के बीच हुई होंगी। 2.15 बजे तो देवांश ही स्कूल से घर आ गया। उसके बाद ही इन हत्याओं की जानकारी लोगो को हुई। इसी समयावधि की फुटेज पुलिस की जांच का केंद्र बनी हुई है।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं हत्या से पहले पीड़ितों को बेहोश तो नहीं किया गया था। यदि हत्यारा अकेला था तो चारों को एक साथ काबू में करने के लिए किसी तरह का नशीला पदार्थ या भोजन में कुछ मिलाने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
सामाजिक और पारिवारिक पहलुओं की भी जांच की जा रही है

परिवार से जुड़े सामाजिक और पारिवारिक पहलुओं की भी जांच की जा रही है। बताया गया है कि कमल सिंह की छोटी बेटी की शादी फरवरी में तय थी, और परिवार इसकी तैयारियों में लगा था। वहीं बड़ी बेटी लक्ष्मी की शादी अभी नहीं हुई थी। इन तथ्यों को भी पुलिस अपनी जांच में शामिल कर रही है।
करीब 20 दिन पहले गंगा सिंह ने इस बात का जिक्र अपने मित्र से किया था
गंगा सिंह के एक करीबी मित्र ने पुलिस को बताया कि गांव लोहाखार में उनकी करीब पांच बीघा जमीन है, जिस पर कुछ लोग कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे। करीब 20 दिन पहले गंगा सिंह ने इस बात का जिक्र अपने मित्र से किया था। मित्र ने उन्हें पुलिस में शिकायत करने की सलाह दी थी, लेकिन कमल सिंह ने यह कहकर मना कर दिया था कि इससे दुश्मनी बढ़ जाएगी। हालांकि पुलिस को इस एंगल में फिलहाल ज्यादा दम नजर नहीं आ रहा।
तो फिर कौन हैं हत्यारे

सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर हत्यारे कौन हैं। यदि हत्या किसी एक व्यक्ति ने की है, तो यह मानना पड़ेगा कि उसने पहले सभी को बेहोश किया या किसी तरह निष्क्रिय कर दिया। वहीं यदि हत्यारे एक से अधिक हैं, तो फिर चारों को एक साथ काबू में करना उनके लिए आसान रहा होगा।
ज्योति के गले में दुपट्टे से लगा था फंदा
जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया है कि 12 वर्षीय ज्योति के गले में दुपट्टा बंधा हुआ मिला, जिसमें गांठ लगी थी। इससे आशंका जताई जा रही है कि उसका गला घोंटा गया हो। ज्योति का शव ऊपर वाले कमरे में जमीन पर पड़ा मिला, जबकि उसकी मां रत्ना का शव बेड पर था। नीचे वाले कमरे में श्यामा देवी का शव जमीन पर पड़ा था, जबकि गंगा सिंह की हत्या उन्हें बेड पर ही की गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
नीचे वाले कमरे में रखे थे चाय के तीन कप
घटनास्थल से एक और अहम सुराग सामने आया है। गंगा सिंह के कमरे में चाय के तीन कप रखे मिले, जबकि ऊपर वाले कमरे में एक भगोने में चाय की पत्ती पाई गई। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि हत्या से पहले घर में चाय बनाई और पी गई थी। अब सवाल यह है कि चाय किसने बनाई और किसने पिलाई,और पीने वाले कौन-कौन रहे।

नोएडा में नौकरी करती थी ज्योति
बताया गया है कि ज्योति नोएडा में नौकरी करती थी और हाल ही में घर आई थी। पड़ोसियों ने बताया कि वह अंतरजातीय विवाह कर रही थी। जिसको लेकर घर में मतभेद थे। हालांकि इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पुलिस इस एंगल को भी गंभीरता से खंगाल रही है।
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11 बजे सब्जी लेकर लौटी थीं रत्ना
पड़ोसियों के अनुसार, रत्ना सोमवार को करीब 11 बजे शिकोहाबाद रोड से सब्जी खरीदकर घर लौटी थीं। इसके बाद वह किसी से बातचीत किए बिना घर के अंदर चली गईं। इसके बाद दोपहर में किसी ने उन्हें बाहर आते-जाते नहीं देखा। शहर में एक ही परिवार के चार सदस्यों की हत्या का यह मामला न सिर्फ पुलिस के लिए चुनौती है, बल्कि आमजन को भी झकझोर देने वाला है। सीसीटीवी फुटेज में बेटे कमल सिंह के अलावा किसी और का न दिखना जांच को दिशा दे रहा है। अब सभी की निगाहें पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस हत्याकांड की परतें खोलेगी।

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